LYRICS
जप ले भोले नाम की माला गर मुक्ति को चाहे जय शिव शंकर जय शिव भोले ॐ नमः शिवाय
जटा जुट का मुकुट है जिसका गल मुंडो की माला
माथे सोहे चंदा प्यारा नाग है लिपटा काला
शिव शंकर के तीसरे में महाप्रलय की ज्वाला
कल कल करके गंगा बहती भोले नाम को ध्याये जप ले भोले। .......
ब्रम्ह ज्ञान ब्रह्मा को दे दिआ बने वेद के अधिकारी
इन्दर को इन्द्रासन दे दिआ ऐरावत सा बलकारी भगीरथ को गंगा
दीन्हि जो तीन लोक से है प्यारी दया के सागर है
मेरे शंभु जो मांगे सो पाए भूतो के संग रहते है
वो नंदी बड़े विशाला अमृत देते विष का पीते प्याला
ब्रह्मा विष्णु निसदिन भोले नाम की महिमा गावे
बरत करे जो शिव रात्रि का मुँह माँगा फल पाए
कर लो दर्शन अमरनाथ नाथ के बिगड़ी सब बन जाए
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