lyrics of mata bhajan hara hara gobar pili pili maati
तो लीप चली अंगना
आगे आगे गौरी पीछे पीछे बलमा
गोद लियो ललना
जब रे भवन में भीड़ बढ़ी तो
बिछड़ गया ललना
भवनगड ले चल रे बलमा
पांच सेर की करू कढ़ाई
पा लेउ जो ललना
भवनगड ले चल रे बलमा
हरा हरा गोबर ,पिली पिली माटी
तो लीप चली अंगना
जब रे कड़ाई कर न पायी
तो आन मिलो ललना
LYRICS
हरा हरा गोबर ,पिली पिली माटीतो लीप चली अंगना
आगे आगे गौरी पीछे पीछे बलमा
गोद लियो ललना
जब रे भवन में भीड़ बढ़ी तो
बिछड़ गया ललना
भवनगड ले चल रे बलमा
पांच सेर की करू कढ़ाई
पा लेउ जो ललना
भवनगड ले चल रे बलमा
हरा हरा गोबर ,पिली पिली माटी
तो लीप चली अंगना
जब रे कड़ाई कर न पायी
तो आन मिलो ललना
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