हरिय रंगाए दो अम्मा मेरी चुनदडी जी hariya rang do lyrics new bhajana

sawan bhajana malhaar geet new bhajana lyrics in hindi 

LYRICS 

हरिय रंगाए दो अम्मा मेरी चुनदडी जी
एजी कोई हरियल
हंबे कोई हरियल
राजाजी के बाग
हरिय रंगा दो अम्मा मेरी चुंदड़ी जी

किसने रंगाए दही
अम्मा मेरी चूंदड़ी जी
हे जी कोई किसने
हंबे कोई किसने घड़ायो गल हार
किसने मिलाई संग  की सहेलियां जी

मैया रंगाई अम्मा मेरी चूंदड़ी जी
हे जी कोई बाबुल
हंबे कोई बाबुल घड़ायो गल हार
बिरन मिलाई संग की सहेलियां जी

कब-कब ओढूं  अम्मा मेरी चूंदड़ी जी
हे जी कोई कब-कब
हंबे कोई कब-कब पहरू गल हार
कब तो मिलेंगी संग की सहेलियां जी

तीजन ओढूं
अम्मा मेरी चूंदड़ी जी
हे जी कोई सलूनन
हंबे कोई सलूनन पहनू गल हार
सावन मिलेंगे संग की सहेलियां जी

कब-कब फट गई
अम्मा मेरी चूंदड़ी जी
हे जी कोई कब कब
हंबे कोई कब-कब टूटा गल हार
कब-कब बिछड़ी संग की सहेलियां जी


ओढत फट गई अम्मा मेरी चूंदड़ी जी
हे जी कोई पहरत
हंबे कोई पहरत टूटो गल हार भादो बिछड़ी संग की सहेलियां जी

फेर रंगा दू बेटी तेरी चुंदड़ी जी
हेजी कोई फेर  हम्बे कोई फेर
घड़ा दू गल हार ,फेर मिला दू
संग की सहेलिया जी 

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