LYRICS
DHUN\SARGAM - HAAL KYA HAI DILO KA NA PUCHO SANAM
बोले अर्जुन से एक रोज मोहन मदन भक्त संकट में आए तो मैं क्या करूं मार्ग मुक्ति का सीधा बताया मैंने राह टेढ़ी पर जाए तो मैं क्या करूं सारी सृष्टि रची संग में माया रची कर्म करने की शक्ति व बुद्धि भी दी मोह माया के चक्कर में ऐसा फंसा बुद्धि को ना लगाएं तो मैं क्या करूं कर्म करना मनुष्य का कर्तव्य है उस में देनी सफलता मेरे हाथ है कामयाबी मिली पाके कृपा मेरी मन में अभिमान लाए तो मैं क्या करूं वेद और पुराणों में लिखा है यह दुख दुखियों के हरना मेरा काम है रात दिन वेद शास्त्रों को पढ़ता रहा जो अमल में ना लाए तो मैं क्या करूं ओम का नाम कलयुग में अनमोल है जो ना पूछे ये उसकी बड़ी भूल है जिंदगानी ढली काम करते हुए पीछे आंसू बहाए तो मैं क्या करूं कर्म अच्छे करोगे तो सुख पाओगे गर कुकर्मी बनोगे तो दुख पाओगे ज्ञान गीता का अर्जुन बताया मैंने कोई माने ना माने तो मैं क्या करूं

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