Tujhe Kab Se Shyam Pukar Rahi Kajal Dalwale Ankhiyan Me

LYRICS 


तुझे कब से शाम पुकार रही
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे मोर मुकुट मँगवा दूँगी तेरे माथे पे सजवा दूँगी संग केसर ख़ूब लगा दूँगी
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे कब से शाम पुकार रही
काजल डलवा ले अँखियन में
तेरे हीरे के हार मँगवा दूँगी तेरे गले में सजवा दूँगी हीरे मोती से जड़वा दूँगी
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे कब से शाम पुकार रही
काजल डलवा ले अँखियन में
तेरा पीला पिताम्बर ला दूँगी वा में गोटा किनारी लगा दूँगी तेरे काँधे पे सजवा दूँगी
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे कब से शाम पुकार रही
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे चाँदी की पायल ला दूँगी वा में घुँघरीया डलवा दूँगी तेरे पैरों में सजवा दूँगी
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे कब से शाम पुकार रही
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे बरसाने बुलवा दूँगी तेरी राधा से मिलवा दूँगी तेरी कामरिया सजवा दूँगी
काजल डलवा ले अँखियन में
तुझे कब से शाम पुकार रही
काजल डलवा ले अँखियन में
Tujhe Kab Se Shyam Pukar Rahi Kajal Dalwale Ankhiyan Me Tujhe Kab Se Shyam Pukar Rahi Kajal Dalwale Ankhiyan Me Reviewed by dehatigeetmala on October 24, 2019 Rating: 5

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