Mera Dil Devar Se raaji lyrics dehati geet

LYRICS 





लटक रही मोटर से चाबी 
मेरा दिल देवर से राजी
सोने की थाली में भोजन परोसा 
जीमायाई देवर को भाभी मेरा दिल देवर से राजी

सोने का लोटा गंगाजल पानी 
पिलायेआयी  देवर को भाभी 
मेरा दिल देवर से राजी
लटक रही मोटर से चाबी 
मेरा दिल देवर से राजी

सोने की सीक बरेली का सुरमा 
सराय आई देवर को भाभी 
मेरा दिल देवर से राजी
लटक रही मोटर से चाबी 
मेरा दिल देवर से राजी

चंदा की चांदनी में 
चौपड़ बिछाया 
खिलाय आयी  देवर को भाभी 
मेरा दिल देवर से राजी
मसा की आई मोटर की चाबी 
मेरा दिल देवर से राजी

सोने की सेज मोती झालर 
के तकिया सुनाई देवर को भाभी 
मेरा दिल देवर से राजी 

अरे मेरा गुली बंद जालीदार कि चुटिया धरो सारे में
अरे मेरे लिखे पढ़े भरतार 
के मोह लिए सोच जिठानी ने
अरे वह तो घुट घुट के बदलाव है 
मेरा जिया जले जले  उषा रे  में 

अरे मैंने धरी गोबर की
हल्की जा पटकी पथवारी में
अरे मैंने झोली से बुलाए 
भरतार की खूब समझाएं पथवारी में
अरे राजा सब सब न्यारे हुए 
के कब तक जिए साझे में 
अरे गोरी इतने जी वे  माई बाप 
इतने बीते शादी में 
अरे गोरे जब मर जा माई बाप 
के जब भी तेरी न्यारे में

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