LYRICS OF BHAJAN MAA BAAP KI IS KALYUG ME KIS TARAH KATE ZINDGI
LYRICS
माँ बाप की इस कलयुग में किस तरह कटे जिंदगानी
वो बेटा क्या बेटा है जा ने माँ की कदर ना जानी
नो महीने गर्भ में रखो ,
माँ ने बड़ा कष्ट उठाया
जब जन्म दिया मेरे बेटा
मेने सर पे कफ़न है बांधो
गीले में सोई माता ,
सूखे में तुझे सुलाया
जब भूख लगी मेरे बेटा
सीने का दूध पिलाया
जब पांच बरस का होगया
मेने पढ़ने को बिठायो
मेहनत मजदूरी करके
मेने बी ।ए पास करयो
जब बीस साल का होगया
जब आने लगी सगाई
सासुल के पहिया पड़के
मेने रूठो जेठ मनायो
जब बहु घर में आयी
मेने बड़ी बड़ी ख़ुशी मनाई
बहुअन को अरतन करके
मेने चौकी पे बिठवायी
बहुअर पे रोटी मांगी
पकड़ाए दिए तवे कठोती
मेरो सीधो हाथ पकड़ के
चूल्हे पे जाये बिठाई
बेटा पे पानी मानगो
पकड़ा दिए नेजु बाल्टी
मेरो सिद्धो हाथ पकड़ के
कुए की राह दिखाई
LYRICS
माँ बाप की इस कलयुग में किस तरह कटे जिंदगानी
वो बेटा क्या बेटा है जा ने माँ की कदर ना जानी
नो महीने गर्भ में रखो ,
माँ ने बड़ा कष्ट उठाया
जब जन्म दिया मेरे बेटा
मेने सर पे कफ़न है बांधो
गीले में सोई माता ,
सूखे में तुझे सुलाया
जब भूख लगी मेरे बेटा
सीने का दूध पिलाया
जब पांच बरस का होगया
मेने पढ़ने को बिठायो
मेहनत मजदूरी करके
मेने बी ।ए पास करयो
जब बीस साल का होगया
जब आने लगी सगाई
सासुल के पहिया पड़के
मेने रूठो जेठ मनायो
जब बहु घर में आयी
मेने बड़ी बड़ी ख़ुशी मनाई
बहुअन को अरतन करके
मेने चौकी पे बिठवायी
बहुअर पे रोटी मांगी
पकड़ाए दिए तवे कठोती
मेरो सीधो हाथ पकड़ के
चूल्हे पे जाये बिठाई
बेटा पे पानी मानगो
पकड़ा दिए नेजु बाल्टी
मेरो सिद्धो हाथ पकड़ के
कुए की राह दिखाई
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