SATSANG BHAJAN LYRICS
सत्संग बिन चैन पड़े कोन्या
दिन कट जाए रात कटे कोन्या सत्संग किया था है मीरा ने कृष्ण बिना ज्ञान मिले कोन्या
दिन कट जाए रात कटे कोन्या सत्संग किया था हरिश्चंद्र ने
कृष्ण बिन नीर भरे कोन्या
दिन कट जाए रात कटे कोन्या
सत्संग किया था द्रोपदी ने
कृष्ण bin cheer बड़े को ना
दिन कट जाए रात कटे सत्संग किया था नरसी ने
किरसन बिन भात भरा को ना
दिन कट जाए रात कटे कोन्या सत्संग क्या था भक्तों ने
कृष्ण बिन पार लगा कोन्या
दिन कट जाए रात कटे कोन्या
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें