Prabhu ji kaya ki ban gayi rail lyrics in hindi new bhajan lyrics


 

Prabhu ji kaya ki ban gayi rail railgadi ajab nirali hai lyrics in hindi new bhajan lyrics  

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है 

रेलगाड़ी अजब निराली है 

रेलगाड़ी अजब निराली है 

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है 


हाथ पेअर के पहिया बन गए 

दो नैनन के सिगनल बन गए 

दिल को इंजन बनो रेल चलने को ठाड़ी है 

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है 


हाथ पेअर के पहिया फुक गए 

दो नैनन के सिगंबल भुज गए 

दिल को इंजन फ़ैल 

रेल स्टेशन ठाड़ी है 

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है 


एक लकड़ी की छैया बनवाई 

वाके ऊपर रेल सुलाई

कर सोलह श्रृंगार 

रेल कंधे पे जा रही है 

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है 


एक लकड़ी की चिता बनायीं 

वाके ऊपर रेल सुलाई 

चलती फिरती रेल आज होली सी जल रही है 

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है 


एक कपडा की थैली बनवाई 

बीन बान वामे रेल घुसाई 

बहु बेटा के संग रेल गंगा जी जा रही है

प्रभु जी काया की बन काया की बन गयी रेल 

रेलगाड़ी अजब निराली है  


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