google.com, pub-4591989099299328, DIRECT, f08c47fec0942fa0 इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हु insaaf ka dar hai tera yahi sochke aata hu lyrics

इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हु insaaf ka dar hai tera yahi sochke aata hu lyrics

 इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हूँ  nirguna bhajan lyrics


इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हूँ 
हर बार तेरे दर से खाली ही जाता हूँ …..

आवाज लगाता हु क्यों जवाब नहीं मिलता,
दानी हो सबसे बड़े मुझको तो नहीं लगता,
शायद किस्मत में नहीं दिल को समझाता हूँ,
इंसाफ का दर है तेरा…..

इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हूँ 
हर बार तेरे दर से खाली ही जाता हूँ …..

जज्बात दिलो के प्रभु धीरे से सुनाता हूँ ,
देखे न कही कोई हालात छुपाता हूँ ,
सब हस्ते है मुझ पर मैं आंसू बहाता हूँ ,
इंसाफ का दर है तेरा…..

इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हूँ 
हर बार तेरे दर से खाली ही जाता हूँ …..

दिनो को सताने का अंदाज़ पुराना है,
देरी से आने का बस एक बहाना है,
खाली जाने से प्रभु दिल में शर्माता हूँ ,
इंसाफ का दर है तेरा…..

इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हूँ 
हर बार तेरे दर से खाली ही जाता हूँ …..

हैरान हु प्रभु तुमने दुखियो को लौटाया है,
फिर किसके लिए तुमने दरबार लगाया है,
वनवारी महिमा तेरी कुछ समझ न पाता हूँ ,
इंसाफ का दर है तेरा…..

इंसाफ का दर है तेरा यही सोच के आता हूँ 
हर बार तेरे दर से खाली ही जाता हूँ …..



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