मोहे लगो प्रेम को रोग सैया वृंदावन ले चल रे / Lyrics hindi
मोहे लगो प्रेम को रोग
सैया वृंदावन ले चल रे
सैया वृंदावन ले चल रे-2
मोहे लगो प्रेम को रोग
सैया वृंदावन ले चल रे
मेरे नैना लड़े बिहारी से
काली कमरिया वाले से
मोहे भावे ना जगत के लोग
सैया वृंदावन ले चल रे
सपने में एसी सोई रही
और मीठी नींद में खोए रही
मोहे जगा गयो चित चोर
सैया वृंदावन ले चल रे
मोसे प्रेम की भाषा बोल गयो
चलो भाभी कह रस घोल गयो
अब मन न लगे काही और
सैया वृंदावन ले चल रे
मेरी नाकनथुनिया ले भागो
सपनों टूटो मोहे डर लागो
ले भागों नंदकिशोर
सैया वृंदावन ले चल रे
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