LYRICS

घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई
मैंने सोचा बचपन में कट आऊंगी
खेल में भूल गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई

मैंने सोचा जवानी में कट आऊंगी
मस्ती में भूल गई सतगुरु टिकट कटा ना पाए
घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई

मैंने सोचा बुढ़ापे में कट आऊंगी
पोतो मैं भूल गई सतगुरु टिकट कटा ना पाए
घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई

बिना टिकट गाड़ी में चढ़ गई
टीटी ने पकड़ लयी  सतगुरु टिकट कटा ना पाए
घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई

हाथ हाथकड़ी पावन बेडी
जेलों में डाल देयी  सतगुरु टिकट कटाना पाई
घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई

काल कोठरी में जी घबरावे
यम की मार पड़ी सतगुरु टिकट कटाना पाई
घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई

सब सतगुरु का सुमिरन करियो
भव से पार भई सतगुरु टिकट कटाना पाई
घड़ी मेरी छूट गई कि सतगुरु टिकट कटा ना पाई