LYRICS
ऐसी जिंदगानी में पति की मेहरबानी मे
गोले का तो तेल मंगा दो
सिर में रोज लगने को
लोभ ना करना
राजा ऐसी जिंदगानी में
नई चाल की चली चिमटी
दोनों तरफ लगाने को
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में
बढ़िया सी तो साड़ी ला दो
उल्टा पल्ला डालेंगे
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में
नई चाल की चली
दोनों तरफ लगाने को
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में
मट्टी को तो तेल धरो है
सिर में रोज लगाने को
बात ना करना गोरी ऐसी महंगाई में
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में
चूल्हे पीछे धरो चिमटो
दोनों तरफ लगाने को
बात न करना गोरी ऐसी महंगाई में
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में
बक्सर में तो धरी धोवती
उल्टा पल्ला डारन को
बात ना करना गोरी ऐसी महंगाई मे
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में
बैलन के तो धरे घुंघरू
दनों तरफ लगाने को
बात ना करना गोरी ऐसी महंगाई में
लोभ ना करना राजा ऐसी जिंदगानी में

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