मजेदार कृष्ण भजन Hindi Lyrics


 मेरे घर क्यों नहीं आयो सावरिया
बालापन को छलिया 

पहलो छल गोपन संग खेलों
चीर चुराये कदम धार लेनो
हए जाने बेठ बजाए दई बाँसुरिया
बाला पैन को छलिया 


दूजो छल अर्जुन सैंग किन्हों
आपस में झगड़ों कर दिनों
हए जाने रण में बजाये दई बाँसुरिया
बाला पैन को छलिया 

मेरे घर क्यों नहीं आयो सावरिया
बालापन को छलिया 

तीजों छल हरिश्चंद्र सैंग किन्हों
काशी में बिकवाये दये तीनों
हाए मेहतर के भराये दई गागरीय
बाला पैन को छलिया 

मेरे घर क्यों नहीं आयो सावरिया
बालापन को छलिया 

चौथो छल नारद संग किन्हों
माया को स्वयंबर रच दिनों
हाए जाको रूप बनाए दीयौ वानरीय
बाला पैन को छलिया  

मेरे घर क्यों नहीं आयो सावरिया
बालापन को छलिया

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