झूला झूल रही सब सखियां आई हरियाली तीज आज
झूला झूल रही सब सखियां,
आई हरियाली तीज आज।
राधा संग में झूले कान्हा,
झूमे अब तो सारा बाग।
नैनन भर के रस का प्याला,
देखे श्यामा को नंदलाला।
घन बरसे उमड़-उमड़ के,
देखो नित करे ब्रज बाला।
छम-छम करती ये पायलियां,
खोले मन के सारे राज।
झूला झूल रही सब सखियां,
आई हरियाली तीज आज।
सावन की आई बहार
सावन की आई बहार,
टप-टप बरसे रे बौछार।
कोयल कूक उठी है कुहू-कुहू,
गाए पपीहा मल्हार।
गाए राधा कृष्ण संग-संग,
में गूंजे बंसी की आवाज।
झूला झूल रही सब सखियां,
आई हरियाली तीज आज।
झूला झूल रही सब सखियां,
आई हरियाली तीज आज।
राधा संग में झूले कान्हा,
झूमे अब तो सारा बाग।
नैनन भर के रस का प्याला,
देखे श्यामा को नंदलाला।
घन बरसे उमड़-उमड़ के,
देखो नित करे ब्रज बाला।
छम-छम करती ये पायलियां,
खोले मन के सारे राज।
झूला झूल रही सब सखियां,
आई हरियाली तीज आज।
सावन की आई बहार,
टप-टप बरसे रे बौछार।
कोयल कूक उठी है कुहू-कुहू,
गाए पपीहा मल्हार।
गाए राधा कृष्ण संग-संग,
में गूंजे बंसी की आवाज।
झूला झूल रही सब सखियां,
आई हरियाली तीज आज।
0 टिप्पणियाँ