श्याम तूने कैसी बांसुरी बजाई रे Lyrics | Shyam Tune Kaisi Bansuri Bajai Re
श्याम तूने कैसी सवारियां,
तूने कैसी ये बांसुरी बजाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
1. माथे की बिंदी
माथे की बिंदी मैंने नाक में पहन लई,
नाक की नथनी माथे में लगा लई,
और कानों में झुमका, पहन न पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
2. आंखों का कजरा
आंखों को कजरा में होंठ में लगा लओ,
होंठों की लाली मैंने आंखों में पोत लई,
और बालों में गजरा, लगा नहीं पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
3. गले का हार
गले को हरवा मैंने कम्मर में बांध लओ,
कम्मर को करधन मैंने गले में डार लओ,
और हाथों के कंगन पहन न पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
4. बाजूबंद और पायल
बाहों के बाजूबंद पैरों में पहने,
पैरों की पायल मैंने बाहों में बांध लई,
और उंगलन मुदरिया पहन न पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
5. लहंगा और चुनरिया
कम्मर को लहंगा मैंने सर से है ओढ़ लओ,
सर की चुनरिया मैंने कम्मर में बांध लई,
और चोली के फुंदना लगा न पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
6. चावल की खीर
चावल की खीर मैंने हींग से बघारी,
आटे की पूरी मैंने पानी में पका लई,
दाल, चावल, सब्जी बना नहीं पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
7. सासू और नंदनी
सासू को परसू तो आंख वो दिखात है,
नंदनी को परसू तो मुंह वो बनात है,
और सैंया जी को परसू बहुत मार खाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
8. सपनों का सैंया
सपनों का सैंया मैंने सेजों पे छोड़ा,
गोदी का ललना मैंने पलने में डाला,
और चंदन किवड़िया लगा नहीं पाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
श्याम तूने कैसी, कन्हैया तूने कैसी,
सवारियां तूने कैसी ये बांसुरी बजाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
श्याम तूने कैसी सवारियां,
तूने कैसी ये बांसुरी बजाई रे,
जिया नहीं माना, मैं दौड़ी चली आई रे॥
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