शुभ दिन आन लगे सावन के – झूला झूलत नवल किशोर Lyrics

 शुभ दिन आन लगे सावन के – झूला झूलत नवल किशोर Lyrics

शुभ दिन आन लगे सावन के,
झूला झूलत नवल किशोर॥

1. चंदन को जो बनो पलना

काहे को पलना बनो, सो काहे की लागी डोर,
चंदन को जो बनो पलना, रेशम लागी डोर॥

2. बरसाने से आई राधिका

कहाँ से आई राधा रानी, कहाँ से नवल किशोर,
अरे बरसाने से आई राधिका, गोकुल नवल किशोर॥

3. राधा झूले, कृष्ण झुलावे

कौना झूले, कौना झुलावे, कौना खेंचे डोर,
राधा झूले, कृष्ण झुलावे, ललिता खेंचे डोर॥

4. राग मल्हार गाए रही गोपी

उमड़-घुमड़ कर गरजन लागे, पवन चले पुरजोर,
राग मल्हार गाए रही गोपी, होके भाव विभोर॥

5. वृन्दावन की कुंज गलिन में

वृन्दावन की कुंज गलिन में, धूम मची चहुँओर,
छुपा लाई राधा ने बंसी, ढूंढ़त हैं चितचोर॥

शुभ दिन आन लगे सावन के,
झूला झूलत नवल किशोर॥


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