बदरिया बरसे श्याम नहीं आए – Badariya Barse Shyam Nahi Aaye Lyrics
बदरिया बरसे श्याम नहीं आए एक भावपूर्ण श्याम भजन / कृष्ण भजन है, जिसमें राधा रानी और वृंदावन की श्याम के विरह में व्याकुलता को सुंदर शब्दों में व्यक्त किया गया है। बारिश की घटाएं बरस रही हैं, बिजुरिया चमक रही है, लेकिन घनश्याम अभी तक नहीं आए। यह मधुर राधा कृष्ण भजन भक्तों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है।
बदरिया बरसे श्याम नहीं आए Lyrics
बदरिया बरसे श्याम नहीं आए,
बिजुरिया चमके श्याम नहीं आए॥
श्याम नहीं आए घनश्याम नहीं आए,
बदरिया बरसे श्याम नहीं आए॥
1. बागों में बरसे
बागों में बरसे, बगीचों में बरसे,
कोयलिया तरसे श्याम नहीं आए॥
2. निधिवन में बरसे
निधिवन में बरसे, नंदनवन में बरसे,
हिरनिया तरसे श्याम नहीं आए॥
3. तालों में बरसे
तालों में बरसे, तलैयों में बरसे,
मछलिया तरसे श्याम नहीं आए॥
4. गोकुल में बरसे
गोकुल में बरसे, वृंदावन में बरसे,
राधा रानी तरसे श्याम नहीं आए॥
5. गलियों में बरसे
गलियों में बरसे, अंगनवा में बरसे,
नजरिया तरसे श्याम नहीं आए॥
बदरिया बरसे श्याम नहीं आए भजन
यह बदरिया बरसे श्याम नहीं आए भजन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम एवं विरह भाव को समर्पित है। भजन में सावन की बरसात और वृंदावन के प्राकृतिक वातावरण के माध्यम से श्याम के दर्शन की प्रतीक्षा को दर्शाया गया है। बाग-बगीचे, निधिवन, नंदनवन, गोकुल और वृंदावन—हर जगह बारिश हो रही है, लेकिन राधा रानी की नजरें अभी भी श्याम की राह देख रही हैं।
यह श्याम भजन, राधा रानी भजन, कृष्ण भजन और वृंदावन भजन पसंद करने वाले भक्तों के लिए एक सुंदर भक्तिमय गीत है।
राधे राधे 🙏 जय श्री कृष्ण 🙏
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