बड़ा चतुर है बंसी वाला,
वो तुमको ठग जाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा।।
अंतरा 1
नंदी को ले साथ में,
भोले पहुँचे वृंदावन,
मुरली वाला कहने लगा,
ले लो जी जो चाहे मन,
ज़रा सी धरती दो बैलों से,
ज़रा सी धरती दो बैलों से,
काम मेरा चल जाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा।।
अंतरा 2
घास-फूस डाला बोरे में,
आलू सारे छोड़ दिए,
बीच बजरिया लूट आए,
भाग्य हमारे फोड़ दिए,
एक नंबर का छलिया है,
एक नंबर का छलिया है,
बिन छले नहीं रह पाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा।।
अंतरा 3
फिर से खेती करने लगे हैं,
बाजरा बोया भोले ने,
बाजरा दे दिया ठाकुर को और,
घास भर लिया झोले में,
फिर से लूट लिया भोले को,
फिर से लूट लिया भोले को,
सबको पता लग जाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा।।
अंतरा 4
ऊपर नीचे की फसल,
वो कहंदिया मेरी है,
बीच में मक्का उपजेगी,
वो फसल बस तेरी है,
तीसरी बारी लूट आए तुम,
तीसरी बारी लूट आए तुम,
शोर प्रभु मच जाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा।।
अंतरा 5
नाम के भोले, काम के भोले,
ये इनकी पहचान है,
सबको सबकुछ बाँटना,
ये ही इनकी शान है,
'आशु' रहना इन चरणों में,
'खुशबू' रहना इन चरणों में,
यहीं से तू सब पाएगा,
रहने दो मेरे भोले जी,
तुमसे ना हो पाएगा।।
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