महादेव का पुजारी Lyrics – मैं हूँ शंभू का पुजारी

 महादेव का पुजारी Lyrics – मैं हूँ शंभू का पुजारी | Mahakal Shiv Bhajan Lyrics

महादेव का पुजारी भगवान शिव की महिमा का गुणगान करने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय महाकाल शिव भजन है। इस भजन में भगवान शिव के कैलाश धाम, जटाओं में विराजमान माँ गंगा, त्रिनेत्र, डमरू, वासुकी नाग, भस्म और बाघंबर धारण करने वाले दिव्य स्वरूप का सुंदर वर्णन किया गया है। सावन, महाशिवरात्रि, शिव जागरण, कांवड़ यात्रा और भोलेनाथ की आराधना के दौरान यह भजन बड़े प्रेम और श्रद्धा से गाया जाता है।


महादेव का पुजारी Lyrics in Hindi

जिसका कैलाश में है डेरा
वो तो शिव शंभू है मेरा।
जिसे मानती है दुनिया ये सारी॥

महादेव का पुजारी
मैं हूँ शंभू का पुजारी।
महाकाल का पुजारी,
मैं हूँ भोले का पुजारी॥

बहती जटाओं में है गंगा,
माथे पे विराजे है जिसके चंदा।
बजाते हैं डमरू से अद्भुत वो नाद,
सोहे गले में है वासुकी नाग।
वो तो कहलाए त्रिनेत्र धारी॥

मेरे महाकाल तो हैं भस्म से नहाते,
बाघंबर अपने वो तन पर सजाते।
देवों के देव हैं वो मेरे महादेव,
चरणों में बैठे जिसके ब्रह्मा विष्णु देव।
हाँ, वो नंदी जी की करते सवारी॥

आदिकाल से हैं वो शिव महायोगी,
गौरे से बयाँ उसकी महिमा ना होगी।
रहते सदा अपने भक्तों के साथ,
बिन माँगे दे देते नाथों के नाथ।
लीला अपरम्पार है तुम्हारी॥


भजन का अर्थ

"महादेव का पुजारी" भजन भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, उनकी अनंत महिमा और भक्तों पर बरसने वाली कृपा का वर्णन करता है। इसमें कैलाशवासी शिव, जटाओं में बहती माँ गंगा, त्रिनेत्र, डमरू, वासुकी नाग, भस्म और बाघंबर धारण करने वाले महाकाल की महिमा का भावपूर्ण चित्रण किया गया है। यह भजन प्रत्येक शिव भक्त को अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा, समर्पण और अटूट विश्वास की प्रेरणा देता है।




इस भजन का महत्व

यह भजन विशेष रूप से सावन, महाशिवरात्रि, शिव जागरण, कांवड़ यात्रा, रुद्राभिषेक, महाकाल आरती और अन्य शिव भक्ति कार्यक्रमों में अत्यंत लोकप्रिय है। इसके सरल और भक्तिमय बोल हर शिव भक्त के हृदय को शिव भक्ति से भर देते हैं।


इस भजन की विशेषताएँ

  • 🕉️ महाकाल स्पेशल शिव भजन
  • 🔱 भगवान शिव के दिव्य स्वरूप का सुंदर वर्णन
  • 🌊 जटाओं में माँ गंगा, त्रिनेत्र और वासुकी नाग की महिमा
  • 🥁 डमरू, नंदी और कैलाश धाम का भावपूर्ण चित्रण

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