पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू Lyrics –

 

पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू Lyrics – गोरी अपने मन की मने बात सुनाइए तू | Sawan Shiv Bhajan Lyrics

पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू हरियाणवी शैली का एक बेहद लोकप्रिय सावन स्पेशल शिव भजन है। इस भजन में पति-पत्नी के मधुर संवाद के माध्यम से सावन के पावन महीने, हरिद्वार यात्रा, कांवड़ यात्रा और भगवान भोलेनाथ के दर्शन की इच्छा को बड़े सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। सावन, कांवड़ यात्रा, शिव जागरण और भोलेनाथ के भक्तों के बीच यह भजन विशेष रूप से पसंद किया जाता है।


पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू Lyrics in Hindi

गोरी अपने मन की मने बात सुनाइए तू।
पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू॥

गोरी अपने मन की मने बात सुनाइए तू।
पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू॥


अंतरा – 1

तने काहे की चिंता, मने सारी बात बता।
पिया तुम ना मानोगे, कर दोगे पिया मना॥

तेरी क्या इच्छा गौरी, बेझिझक बताइए तू।
पहले हामी भर ले, मत ना धमकाइए तू॥


अंतरा – 2

तूं जो कुछ भी चाहती, कह दे क्यों घबराती।
बाबा के दर्शन को पिया, सारी दुनिया जाती॥

तूं जो कुछ भी चाहती, कह दे क्यों घबराती।
बाबा के दर्शन को पिया, सारी दुनिया जाती॥

मत फिकर करे प्यारी, बेशक से जाइए तू।
नोटों से जेब भर ले, मत लोभ दिखाईए तू॥


अंतरा – 3

जिप्सी भाड़े करके, बोलेरो तेरे पीहर में।
मैं तो कांवड़ लाऊंगी, ना बैठूं मोटर में॥

जिप्सी भाड़े करके, बोलेरो तेरे पीहर में।
मैं तो कांवड़ लाऊंगी, ना बैठूं मोटर में॥

तूं कदे हार जागी, मत लाइए कांवड़ तू।
मैं मोटी-ताजी हूँ, मत ना घबराइए तू॥


अंतरा – 4

जो ना माने प्यारी, मैं भी साथ चलूं थारे।
अरे राम बैंसला भी चालेगा परचारी॥

जो ना माने प्यारी, मैं भी साथ चलूं थारे।
अरे राम बैंसला भी चालेगा परचारी॥

बाला और कोला को, मत ना बुलवाइए तू।
रत्ना एंडी जैकी कैसेट, सुनवाइए तू॥


मुखड़ा

गोरी अपने मन की मने बात सुनाइए तू।
पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू॥




भजन का अर्थ

"पिया सावन का मेला मने हरिद्वार घुमाइए तू" एक भावपूर्ण हरियाणवी शिव भजन है, जिसमें पत्नी अपने पति से सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार जाकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कराने की इच्छा व्यक्त करती है। भजन में कांवड़ यात्रा, हरिद्वार का धार्मिक महत्व और शिव भक्ति का सुंदर चित्रण किया गया है। यह गीत श्रद्धा, प्रेम और पारिवारिक स्नेह का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ